प्राप्ति - भुगतान खाता ( Receipts And Payments Account )
आशय ( Meaning ) - प्राप्ति - भुगतान खाता वर्ष के अन्त में या एक निश्चित अवधि के पश्चात् रोकड़ पुस्तक से तैयार किया जाता है । यह रोकड़ खाते की तरह ही तैयार किया जाता है । अन्तर केवल इतना ही होता है कि रोकड़ पुस्तक में समस्त प्राप्तियाँ एवं भुगतान तिथिवार एवं विस्तार से लिखे जाते हैं , जबकि प्राप्ति भुगतान खाते में समस्त प्राप्तियों एवं भुगतानों को अलग - अलग शीर्षकों के अन्तर्गत् विभाजित कर उनकी कुल राशि एक ही बार लिखी जाती है , इस प्रकार हम कह सकते हैं कि “ प्राप्ति - भुगतान खाता रोकड़ बही का सारांश मात्र है । " जिसमें सभी प्राप्तियाँ नाम की ओर तथा सभी भुगतान जमा की ओर विषयानुसार वर्गीकृत कर मदवार लिख दी जाती हैं ।
परिभाषाएँ - कार्टर के अनुसार , – “ यह खाता रोकड़ पुस्तक की ही भाँति रोकड़ी व्यवहारों का संक्षिप्त । विवरण होता है , जो विभिन्न शीर्षकों में वर्गीकृत किया जाता है जिसमें प्रारम्भिक एवं अन्तिम रोकड़ शेष भी सम्मिलित रहता है । "
“ This is a simplyasummary of the cash transactions as in the cash book analysed or classified under suitable headings , including the opening and closing balance . " - Carter .
पिकिल्स के शब्दों में - “ प्राप्ति एवं भुगतान खाता रोकड़ पुस्तक के सारांश मात्र से अधिक नहीं है । यह खाते के रूप में होता है तथा बहुधा इसका प्रयोग ऐसोसिएशन्स , क्लब्स , समितियों आदि के कोषाध्यक्षों द्वारा वर्ष के कार्य संचालन के परिणामों को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जाता है । "
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