प्रारम्भिक व अन्तिम चिट्ठा तैयार करना ( Preparation of opening & Closing Balance Sheet )
प्रारम्भिक चिट्ठा तैयार करना ( Preparation of opening Balance Sheet )
गैर - व्यापारिक संस्थाओं की स्थापना का मूल उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता वरन् समाज सेवा होता है , अतः इन संस्थाओं की अपनी कोई निजी पूँजी नहीं होती । ये संस्थाएँ अपनी प्रतिवर्ष की वार्षिक बचत को एकत्रित कर बचत का संचय करती हैं यही संचय सामान्य संचय ( General Reserve ) कहलाता है । जिसे हम बोलचाल की भाषा में पूँजी कहते हैं ।
आय - व्यय खाता तैयार करने के बाद चिट्ठा बनाया जाता है , किन्तु चिट्ठा बनाने के पूर्व वर्ष की प्रारम्भिक पूँजी राशि का ज्ञान होना आवश्यक है । यदि प्रश्न में वर्ष के प्रारम्भ का चिट्ठा दिया गया हो तो पूँजी इस चिट्ठे से प्राप्त हो जाती है , किन्तु यदि यह चिट्ठा प्रश्न में न दिया गया हो तो प्रारम्भिक सम्पत्तियों व दायित्वों की उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रारम्भिक चिट्ठा तैयार कर पूँजी ज्ञात करनी होगी । अत : वर्ष की प्रारम्भिक ( या गत वर्ष की ) सम्पत्तियों तथा दायित्वों की उपलब्ध जानकारी के आधार पर बनाये गए चिट्ठे को ही प्रारम्भिक चिट्ठा कहते हैं । इस चिट्ठे को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य प्रारम्भिक पूँजी ज्ञात करना है । वास्तव में यह गत वर्ष का चिट्ठा ही होता है । प्रारम्भिक सम्पत्तियों के योग में से प्रारम्भिक दायित्वों का योग घटा देने पर प्राप्त होने वाला अतिरेक ही पूँजी है । अत : सूचनानुसार -
पूँजी = प्रारम्भिक सम्पत्ति योग - प्रारम्भिक दायित्व योग
उदाहरण - निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 1 जनवरी , 1998 का चिट्ठा तैयार कीजिए -
1 . रोकड़ शेष 31 - 12 - 97 – 3 , 000 रु . , 31 - 12 - 98 – 1 , 500 रु . ।
2 . 1 - 1 - 98 को सम्पत्तियाँ - भवन 10 , 000 रु . ; उपस्कर 2 , 000 रु . व लेखन सामग्री स्टॉक 500 रु . था ।
3 . अदत्त व्यय 1 - 1 - 98 - 400 रु . , 31 - 12 - 98 - 200 रु . था ।
हल :
चिट्ठा ( 1 - 1 - 1998 को )
दायित्व
अदत्त व्यय 400
पूँजी ( संतुलित शेष ) 15,100
15,500
सम्पत्तियाँ
रोकड़ शेष 3,000
भवन 10,000
उपस्कर 2,000
लेखन सामग्री स्टॉक 500
15,500
प्रारम्भिक पूँजी = 15 , 500 रु . - 400 रु . = 15 , 100 रु .
रोकड़ शेष - गत वर्ष की अन्तिम रोकड़ ही चालू वर्ष की प्रारम्भिक रोकड़ होती है |
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