गैर - व्यापारिक संस्थाओं को हिसाब रखने की आवश्यकता ( Need to Maintain Book of Accounts for Not - trading Concerns )
गैर - व्यापारिक संस्थाओं को हिसाब रखने की आवश्यकता ( Need to Maintain Book of Accounts for Not - trading Concerns )
गैर - व्यापारिक संस्थाओं को सदस्यता शुल्क , दान , प्रवेश शुल्क तथा सरकारी अनुदान आदि प्रमुख स्रोतों से आय प्राप्त होती है और इस तरह प्राप्त की गई राशि ही इनके व्ययों की पूर्ति का साधन है । ये संस्थाएं चूंकि सार्वजनिक संस्था बन जाती हैं फलस्वरूप उन्हें अपने सदस्यों , दानदाताओं व सरकार को वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर आय - व्यय का ब्यौरा देना होता है , इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए ये संस्थाएँ अपना हिसाब रोकड़ प्रणाली के आधार पर रखती हैं , जिससे कि निम्नलिखित तथ्यों की जानकारी उपलब्ध हो सके -
( i ) एक निर्धारित वर्ष में संस्था ने किन - किन स्रोतों से आय अर्जित की है ?
( ii ) एक निर्धारित वर्ष में संस्था ने अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कितनी राशि किस प्रकार की मदों पर खर्च की है ?
( iii ) एक निर्धारित वर्ष में आय अधिक हुई है या व्ययाधिक्य है ? ( iv ) संस्था की सम्पत्तियों एवं दायित्वों की क्या स्थिति है ? आदि ।
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