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आय - व्यय खाता - निर्माण विधि ( Income - Expenditure Account - Preparation Method )

आय - व्यय खाता - निर्माण विधि 
( Income - Expenditure Account - Preparation Method )

 आय - व्यय खाता बनाते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है - 
1 . खाते का शीर्षक - सर्वप्रथम खाते का शीर्षक लिखा जाता है तथा वित्तीय वर्ष की समाप्ति की तिथि अंकित की जाती है । जैसे — ' आय - व्यय खाता ' , 31 दिसम्बर , 1999 को समाप्त होने वाले वर्ष का । 
 2 . आय - व्यय की मदें - इस खाते में केवल आगमगत आय और आगमगत व्ययों को ही लिखा जाता है , अत : व्ययों को खाते के विकलन पक्ष में तथा आय को समाकलन पक्ष में लिखना चाहिए । 
3 . आय - व्यय की पूँजीगत मदें - आय - व्यय खाते में पूँजीगत आय अथवा पूँजीगत व्ययों को नहीं लिखा जाता । 
4 . चालू वर्ष का आय - व्यय - इस खाते में उसी वर्ष से सम्बन्धित आगमगत आय और आगमगत व्ययों को लिखा जाता है जिस वर्ष के लिए आय - व्यय खाता बनाया जा रहा हो ।
 5 . रोकड़ शेष - चूँकि यह खाता प्राप्ति - भुगतान खाते व दिये गये समायोजनों के आधार पर बनाया जाता है , अतः प्राप्ति भुगतान खाते में उल्लेखित प्रारम्भिक व अन्तिम रोकड़ शेष को आय - व्यय खाते में नहीं लिखा जाता । 
 6 . समायोजन - आय - व्यय खाता बनाते समय समायोजनों को ध्यान में रखना आवश्यक है । ऐसे व्यय , जिनका भुगतान अभी बाकी है तथा जो चालू वर्ष से सम्बन्धित हैं व्ययों में शामिल किये जाते हैं तथा ऐसे व्ययों को सम्बन्धित व्यय में जोड दिया जाता है यदि कोई व्यय आगामी वर्ष से सम्बन्धित है तो ऐसे व्यय को सम्बन्धित व्यय से घटा दिया जाता है । इसी प्रकार अप्राप्त आय और पूर्व प्राप्त आय को भी लिखा जाता हैं | अप्राप्त आय को प्राप्त आय में जोड़ दिया जाता है तथा पूर्व प्राप्त आय को सम्बन्धित आय में घटा दिया जाता है ।

 7 . ह्रास का लेखा - स्थायी सम्पत्तियों पर लगाया जाने वाला मल्यह्रास संस्था के व्ययों में शामिल किया जाता है अत : आय - व्यय खाते में व्यय पक्ष में ह्रास का लेखा किया जाना चाहिए ।

 8 . आय - व्यय परिणाम - अन्त में आय और व्यय पक्ष का योग लगाया जाता है । यदि आय , व्यय से अधिक है तो आय का आधिक्य और यदि व्यय , आय से अधिक है तो व्यय का आधिक्य का परिणाम प्राप्त होता है । इस परिणाम की राशि कम योग वाले पक्ष में लिखकर दोनों पक्षों का योग बराबर कर दिया जाता है । 

9 . चिट्ठा तैयार करना - आय - व्यय खाते के साथ चिट्ठा ( Balance sheet ) तैयार करना आवश्यक है । आय - व्यय खाता ( Income - Expenditure Account ) - आय - व्यय खाता एक विशेष अवधि की आय और व्यय के परिणामों की जानकारी प्रस्तुत करता है । आय - व्यय खाते का प्रारूप निम्नांकित है -

आय - व्यय खाते का प्रारूप 
( Pro - forma of Income & Expenditure Account )
 आय - व्यय खाता ( Income & Expenditure Ac )
(....................को समाप्त वर्ष का )
 ( For the year ended . . . . . . . . . . . . .) 

विक . ( Dr . ) 
व्यय ( Expenditure ) 
वेतन तथा मजदूरी ( To Salary and Wages )
 जोड़े : अदत्त ( Add : Outstanding ) 
बीमा ( To Insurance )
 घटाएँ : पूर्वदत्त ( Less : Prepaid )
 सामान्य व्यय ( To General Exp . ) मरम्मत व नवीनीकरण ( To Repair and Renewal ) 
किराया व कर ( To Rent & Tax ) छपाई व मुद्रण सामग्री ( To Printing & Stationery ) 
विद्युत् व्यय ( To Electricity Exp . ) 
विविध व्यय ( To Sundry Exp . ) ह्रास ( To Depreciation ) ( आधिक्य ) ( To Surplus )


आय ( Income ) 
चन्दा ( By Subscription )
 जोड़े : बकाया चन्दा ( Add : Outstanding ) 
घटाएँ : पूर्व प्राप्त चन्दा ( Less : Pre . Received ) 
प्रवेश शुल्क ( By Entry Fee ) आजीवन सदस्यता शुल्क 
( By Life Membership Fee ) ( दान ) ( By Donation ) 
विनियोग पर ब्याज ( By Interest on Investment ) 
मनोरंजन पर लाभ ( By Profit on Entertainment )
 कोई भी आगम आय ( By any Revenue Income ) 
( कमी या घाटा ) ( By Deficit )

note - 

1 . यदि आय पक्ष का योग व्यय पक्ष के योग से अधिक है तो आय का आधिक्य होगा अथवा ,
 2 . यदि व्यय पक्ष का योग आय पक्ष के योग से अधिक है तो व्यय का आधिक्य होगा जिसे कमी या घाटा कहा जा सकता है ।
3 . आय के आधिक्य को आय का व्यय पर आधिक्य ( To income over expenditure ) तथा व्यय के आधिक्य को व्यय का आय पर आधिक्य ( By expenditure over income ) भी लिखा जाता है ।

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