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साझेदारी संलेख के अभाव में लागू होने वाले महत्त्वपूर्ण नियम ( Important Rules Applicable in the Absence of Partnership Agreement )

साझेदारी संलेख के अभाव में लागू होने वाले महत्त्वपूर्ण नियम ( Important Rules Applicable in the Absence of Partnership Agreement ) 

जब साझेदारों के मध्य कोई समझौता नहीं किया गया है तो साझेदारों का आपसी हिसाब साझेदारी अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार किया जाना चाहिए । पूर्व में ऐसे प्रावधानों की चर्चा की जा चुकी है । संक्षेप में हिसाब सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण प्रावधान इस प्रकार हैं -

1 . लाभ - हानि का विभाजन समस्त साझेदारों के मध्य व्यवसाय की लाभ - हानि समान अंश में विभाजित की जायेगी । 
2 . पूँजी पर ब्याज किसी भी साझेदार की पूँजी पर कोई ब्याज नहीं दिया जायेगा चाहे पूँजी असमान ही क्यों न हो । 
3 . आहरण पर ब्याज – साझेदारों से उनके आहरणों पर कोई ब्याज नहीं लिया जा सकेगा ।

4 . सक्रिय साझेदार को पारिश्रमिक किसी भी साझेदार को चाहे वह फर्म के कार्यों में सक्रिय हो कोई वेतन , जैसे - कमीशन , पारिश्रमिक के रूप में प्राप्त करने का अधिकार नहीं है । 

5 . अतिरिक्त पूँजी अथवा ऋण पर ब्याज यदि कोई साझेदार अपने भाग से अधिक पूँजी लगाता है या फर्म को ऋण प्रदान करता है तो उसे ऐसे ऋण पर 6 % वार्षिक की दर से ब्याज प्राप्त करने का अधिकार होगा ।

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