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स्थायी किस्त पद्धति ( Fixed Instalment Method ) अर्थ ( Meaning )

स्थायी किस्त पद्धति ( Fixed Instalment Method ) अर्थ ( Meaning ) 

अर्थ ( Meaning ) - स्थायी पद्धति से आशय मूल्यहास अपलिखित करने की ऐसी पद्धति से है जिसमें किसी सम्पत्ति के जीवनकाल में प्रत्येक वर्ष एक स्थायी ( स्थिर ) राशि ही हास के रूप में आपलिखित की जाती है । प्रतिवर्ष हास की राशि समान होने के कारण इस पद्धति को स्थायी किस्त पद्धति कहा जाता है । इसे मल लागत की पद्धति भी कहते हैं , क्योंकि इसमें प्रतिवर्ष हास को गणना सम्पत्ति की मूल लागत पर को जाती है । इस पद्धति को सीधी रेखापंक्ति पद्धति भी कहा जाता है , क्योंकि इस पद्धति अनुसार प्रतिवर्ष ज्ञात की गई हास की राशि को रेखाचित्र द्वारा स्पष्ट किया जाय तो हास की राशि को प्रदर्शित करने वाली रेखा सीधी होगी ।  

स्थायी किस्त पद्धति की विशेषताएं ( Characteristics of Fixed Instalment Method ) - 

1 . इस पद्धति अनुसार हास की राशि प्रतिवर्ष एक समान रहती है ।

2 . इस पद्धति अनुसार सम्पत्ति के मूल्य को शून्य तक अपलिखित किया जा सकता है । 3 . इस पद्धति अनुसार हास की गणना बार - बार नहीं करनी पड़ती है ।

3 . इस पद्धति अनुसार हास की गणना बार - बार नहीं करनी पड़ती है ।

4 . यह पद्धति कम मूल्य व कम जीवन अवधि वाली सम्पत्तियों के लिए उपयोगी है ।

मूल्यहास की गणना ( Calculation of Depreciation ) - स्थायी पद्धति में हास ज्ञात करने की दो रीतियाँ हैं - 

1 . सत्र द्वारा -  जब सम्पत्ति की लागत , सम्पत्ति का जीवनकाल तथा सम्पत्ति का अवशेष मुल्य ज्ञात हो तो सम्पत्ति पर वार्षिक हास की गणना निम्नलिखित सूत्र द्वारा की जाती है - 

    सम्पत्ति की लागत - अवशिष्ट मूल्य ( Cost of Assel ) ( Residual Valuc )
- अवशिष्ट मूल्य ( Cost of Assel ) ( Residual Valuc ) 
सम्पत्ति का जीवनकाल ( Life of Asset )
वार्षिक हास = ( Annual Depre )

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