आय - व्यय खाता तथा प्राप्ति - भुगतान खाता में अन्तर ( Difference between Income and Expenditure Account and Receipts and Payments Account )
आय - व्यय खाता तथा प्राप्ति - भुगतान खाता में अन्तर ( Difference between Income and Expenditure Account and Receipts and Payments Account )
अन्तर का आधार
1 . खाते का प्रकार
2 . खाते का निर्माण
3 . पक्ष
4 . रोकड़ शेष
5 . पूँजीगत एवं आगमगत मदें
6 . आय तथा व्यय की अवधि
7 . समायोजन
8 . स्थिति विवरण ( चिट्ठा )
9 . अंतिम शेष का अन्तरण
प्राप्ति - भुगतान खाता
यह एक वास्तविक खाता है ।
यह खाता रोकड़ बही के आधार पर बनाया जाता है ।
इस खाते के डेबिट पक्ष में प्राप्तियाँ तथा क्रेडिट पक्ष में भुगतान लिखे जाते हैं ।
इस खाते में प्रारंभिक व अन्तिम दोनों रोकड़ शेष लिखे जाते हैं ।
इस खाते में पूँजीगत व आगमगत दोनों प्रकार की मदों को लिखा जाता है
इस खाते में चालू वर्ष में प्राप्त की गई एवं भुगतान की गई समस्त राशियाँन्धित लिखी जाती हैं चाहे फिर ये राशियाँ गत वर्ष या आगामी वर्ष से सम्बन्धित हों |
इस खाते में अदत्त , पूर्वदत्त , अप्राप्त तथा | ह्रास आदि समायोजन नहीं किये जाते हैं |
इस खाते के साथ स्थिति विवरण नहीं बनाया जाता ।
इस खाते का अंतिम शेष आगामी वर्ष के लिए प्राप्ति भुगतान खाते में अंतरित कर दिया जाता है ।
आय - व्यय खाता
यह एक नाममात्र का खाता है ।
यह खाता प्राप्ति - भुगतान खाते की सहायता से बनाया जाता है ।
इस खाते के डेबिट पक्ष में व्यय तथा क्रेडिट पक्ष में आय को लिखा जाता हैं |
इस खाते में किसी भी रोकड़ शेष को नहीं लिखा जाता है ।
इस खाते में केवल आगमगत मदों को ही लिखा जाता है ।
इस खाते में केवल चालू वर्ष से सम्ब न्धित आय - व्यय की राशियाँ लिखी जाती हैं ।
इस खाते में आय - व्यय से सम्बन्धित सभी प्रकार के समायोजन किये जाते इस खाते के साथ स्थिति विवरण बनाना आवश्यक है ।
इस खाते का अंतिम शेष स्थिति विवरण में पूँजी कोष में अन्तरित कर दिया जाता है ।
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