स्थायी किस्त पद्धति के दोष ( Demerits of Fixed Instalment Method )
स्थायी किस्त पद्धति के दोष निम्नानुसार हैं -
1 . प्रति वर्ष एक समान ह्रास — इस पद्धति में हास की रकम प्रत्येक वर्ष एक समान होती है यह उचित नहीं , क्योंकि जब मशीन पुरानी हो जाती है उस समय उसमें घिसावट या ह्रास अधिक होता है , जबकि प्रारम्भिक वर्षों में बिल्कुल कम ।
2 . व्यावहारिकता का अभाव सामान्यत : अधिकांश व्यापारी इस विधि का उपयोग बहुत कम ही करते हैं , क्योंकि इस प्रणाली में व्यावहारिकता कम पायी जाती है ।
3 . वर्ष के मध्य में खरीदी गयी सम्पत्ति पर पुन : गणना जब वर्तमान सम्पत्ति में कुछ नयी सम्पत्ति जोड़ दी जाती है तब हास की गणना प्रारम्भ से पुन : करनी पड़ती है । इस प्रकार जब - जब नवीनीकरण होगा तब - तब हास की नयी गणना करनी पड़ेगी ।
4 . विनियोग पर वृद्धि का आयोजन नहीं - विनियोगों पर वृद्धि का समावेश प्रत्येक गणना प्रणाली का आवश्यक गुण माना जाता है । स्थिर प्रभाग प्रणाली में इसका कोई प्रावधान नहीं होता , अतः यह पद्धति अधिक लाभप्रद नहीं होती ।
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