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विघटन पर खोले जाने वाले खाते ( Accounts being opened at the time of Dissolution )

विघटन पर खोले जाने वाले खाते ( Accounts being opened at the time of Dissolution ) 

 साझेदारी के विघटन पर निम्नलिखित खाते खोले जाते हैं -

 वसूली खाता ( Realization Account ) – साझेदारी के विघटन पर फर्म की सम्पत्तियों एवं दायित्वों के खाते बन्द करने हेतु साथ ही सम्पत्तियों के विक्रय से प्राप्त राशि तथा दायित्वों के भुगतान का लेखा करने के लिए बनाये गए खाते को ही वसूली खाता या रोकीकरण खाता कहते हैं । यह एक अवास्तविक खाता है , जिसका शेष विघटन पर लाभ या हानि को प्रदर्शित करता है । यदि शेष विकलन हो तो हानि और यदि शेष समाकलन हो + तो लाभ होता है । 

वसूली खाते के विकलन ( Dr . ) पक्ष  में  - समस्त सम्पत्तियों ( रोकड़ शेष व बैंक शेष को छोड़कर ) को लिखा जाता है ।

 वसूली खाते के समाकलन ( Cr . ) पक्ष में - समस्त दायित्वों ( साझेदारों के पूँजी खाते व उनके ऋण खातों तथा संचय को छोड़कर ) को लिखा जाता है । इसके बाद इस खाते में सम्पत्तियों के विक्रय से प्राप्त राशि को समाकलन पक्ष में तथा किये गए दायित्वों के भुगतान का लेखा विकलन पक्ष में किया जाता है ।

 विघटन कार्य पूरा हो जाने पर इस खाते का शेष सभी साझेदारों के पूँजी खातों में उनके लाभालाभ अनुपात में हस्तान्तरित कर दिया जाता है ।


वसूली खाता ( Realization Account ) 

विवरण ( Particulars )

 विविध सम्पत्ति ( To Sundry Assets ) 
रोकड़ खाता ( To Cash A /C) 

रोकड़ खाता ( To Cash A/C) 

साझेदारों के पूँजी खाते / चालू खाते ( Partners ' Cap . / Cur . Nc )

 साझेदारों के पूँजी खाते / चालू खाते ( Partners ' Cap . / Cur . Ac )

राशि ( Amt ) 

पुस्त मूल्य विघटन व्यय |

 दायित्वों का भुगतान |

 दायित्व स्वी - कार करने पर | 

लाभ

विवरण ( Particulars )

 विविध दायित्व ( By Sundry Liabilities ) 

अशोध्य ऋण संचय ( By B . D . R . ) 

आयोजन ( By Provision ) 

हास , विनियोग ( Depreciation , Investment ) 

रोकड़ खाता ( By Cash Ac )

 साझेदारों के पूँजी / चालू खाते | ( Partners ' Cap . / CurrentA/C) 
साझेदारों के पूँजी / चालू खाते ( Partners ' Cap . / Current A/C) 

राशि ( Amt . )

 पुस्तमूल्य 

सम्पत्ति का विक्रय मूल्य 

सम्पत्ति को लेने पर हानि

2 . साझेदारों के पूंजी खाता (Capital Accounts of Partners ' ) - विघटन के समय वसूली खाता बनाने के बाद साझेदारों के पूँजी खाते बनाये जाते हैं । पुँजी खातों के समाकलन पक्ष में गत वर्ष का जमा शेष , चालू खाते का जमा शेष , सामान्य संचय और अवितरित लाभ , विघटन के समय तक का लाभ , फर्म हेतु लिये गये दायित्व की रकम , वसूली खाते का लाभ तथा पूँजी की कमी को पूर्ण करने हेतु लाई गयी रकम का लेखा किया जाता है तथा विकलन पक्ष में -  गत वर्ष का नाम शेष , चाल खाते का नाम शेष , विघटन के समय तक की हानि , फर्म की ली गई सम्पत्ति का मूल्य , वसूली खाते की हानि . पंजी के पूर्ण भुगतानार्थ दी गई रकम लिखी जाती है । 

3 . चालू खाते ( Current Accounts ) - यदि चिट्टे में चालू खाते दिये गए हों तो पूँजी खातों के प्रारम्भिक शेष को छोड़कर उपर्युक्त सभी लेखे चालू खाते में किये जाते हैं और इस खाते का शेष पूँजी खातों में हस्तान्तरित कर दिया जाता है ।

 4 . बैंक या रोकड़ खाता ( Bank / Cash Account ) खाते के विकलन ( Dr . ) पक्ष में प्रारम्भिक शेष , सम्पत्तियों के विक्रय पर प्राप्त राशि , साझेदारों द्वारा पूँजी की कमी को पूर्ण करने हेतु लायी गई रकम , लिखी जाती है । खाते के समाकलन ( Cr . ) पक्ष में — दायित्वों का भुगतान , विघटन व्ययों का भुगतान तथा साझेदारों को पूँजी का पूर्ण भुगतान लिखा जाता है |

 5 . ऋण खाता ( Loan Account ) यदि किसी साझेदार ने फर्म को ऋण दिया हो तो फर्म ऐसे साझेदार का ऋण खाता खोल कर इस ऋण का भुगतान करती है । यदि ऋण का प्रीमियम या कटौती पर भुगतान किया जाना हो तो प्रीमियम या कटौती की राशि को वसूली खाते में हस्तान्तरित कर दिया जाता है ।

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